Join the Divine Festivals
Celebrate the Divine with Us
From the grand Janmashtami celebrations to the weekly Sunday Feast — ISKCON Ayodhya is always alive with devotion, sankirtan and spiritual joy.
Upcoming Key Events
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026
4 Sept
Bhagavad Gita Course
Every Sat Weekly
MORNING JAPA SESSION & GITA DISCUSSION
Reguler Everyday
Upcoming Events & Festivals
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026
4 Sept · 2026
भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का पावन उत्सव
हरे कृष्ण!
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समस्त वैष्णवों एवं सनातन धर्मावलम्बियों का सबसे पावन और आनंदमय उत्सव है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का स्मरण नहीं, बल्कि उनके दिव्य प्राकट्य का महोत्सव है। पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण लगभग पाँच हजार वर्ष पूर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में मथुरा की पावन भूमि पर देवकी और वसुदेव के पुत्र के रूप में प्रकट हुए।
भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण समस्त मानवता के कल्याण के लिए हुआ। जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ गया तथा धर्म की रक्षा की आवश्यकता हुई, तब भगवान ने अपने भक्तों की रक्षा, दुष्टों के विनाश और धर्म की पुनः स्थापना के लिए अवतार धारण किया।
भगवान श्रीकृष्ण स्वयं श्रीमद्भगवद्गीता में कहते हैं—
"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥"
(श्रीमद्भगवद्गीता 4.7–8)
अर्थात्, जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान स्वयं अवतरित होकर धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन प्रेम, करुणा, सेवा, ज्ञान और भक्ति का दिव्य संदेश है। उनकी बाल लीलाएँ निष्कपट प्रेम का प्रतीक हैं, वृन्दावन की लीलाएँ भगवान और भक्त के मधुर प्रेम का अनुभव कराती हैं, जबकि कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश आज भी सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवन जीने की सर्वोच्च प्रेरणा है।
जन्माष्टमी हमें यह स्मरण कराती है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान के साथ अपने शाश्वत संबंध को पुनः जागृत करना है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, हरिनाम संकीर्तन करते हैं, श्रीमद्भागवतम् एवं भगवद्गीता का श्रवण करते हैं, भगवान का अभिषेक एवं महाआरती करते हैं तथा रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का उत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाते हैं।
🌸 ISKCON अयोध्या का सादर आमंत्रण
भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में स्थित ISKCON अयोध्या आपको एवं आपके समस्त परिवार को 4 सितम्बर 2026 को आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में सादर आमंत्रित करता है।
इस दिव्य महोत्सव में पधारकर भगवान श्री श्री राधा-कृष्ण के अलौकिक दर्शन, दिव्य अभिषेक, हरिनाम संकीर्तन, प्रेरणादायक आध्यात्मिक प्रवचन, भव्य महाआरती, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा श्रीकृष्ण महाप्रसाद का लाभ प्राप्त करें।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा, भक्ति और सेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाएँ तथा उनके पवित्र नाम का संकीर्तन करते हुए आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करें।
आपकी स्नेहपूर्ण उपस्थिति इस महोत्सव को और अधिक दिव्य एवं मंगलमय बनाएगी।
📅 दिनांक: 4 सितम्बर 2026
📍 स्थान: ISKCON अयोध्या
सपरिवार पधारें एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दिव्य आनंद का अनुभव करें।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥
Bhagavad Gita Course
Every Sat Weekly · 2026
MORNING JAPA SESSION & GITA DISCUSSION
Reguler Everyday · 2026
🌸✨ *ISKCON AYODHYA* 🛕 ✨🌸
is warmly inviting you to our *DAILY TRANSCENDENTAL MORNING JAPA SESSION* 📿💖
🕓 *Time: 04:30 AM – 06:30 AM*
🌼 *Highlights of the Session* 🌼
📿 *04:30 – 06:00 AM* → Congregational Chanting of the Holy Names
📖 *06:00 – 06:20 AM* → Srila Prabhupada’s Daily Quote & Srimad Bhāgavatam Reading
💬 *06:20 – 06:30 AM* → Interactive Sharing & Reflections
💖 Come, let us chant together, absorb the timeless wisdom of Srimad Bhāgavatam, and fill our hearts with the mercy of the Holy Name.
🌺 You are cordially invited to be part of this soul-nourishing experience! 🌺
⚠️ Join us on Zoom:
🔗 Click here to join
https://us06web.zoom.us/j/85730590195?pwd=xzJRCn2xFahgtXkhe8z9TwdKZT3qrp.1
🌸✨ Chant Hare Krishna & Be Happy! ✨🌸
Daily Aarti Schedule
4:30 AM
Mangala Aarti
7:30 AM
Sringara Darshan
8:30 AM
Guru Puja
12:00 PM
Raj Bhoga Aarti
4:30 PM
Utthapana Aarti
6:45 PM
Sandhya Aarti
8:30 PM
Shayana Aarti
🎵
Hare Krishna! Join the Celebration
Experience the divine joy of ISKCON Ayodhya's festivals, sankirtan and prasadam.
